

आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान में अब मौसम ने करवट बदल ली है और सूर्य देव के तेवर तीखे हो गए हैं। मौसम केंद्र जयपुर (IMD) से प्राप्त ताजा जानकारी के अनुसार, 21 अप्रैल से राज्य में भीषण गर्मी का एक नया दौर शुरू हो चुका है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में अचानक 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर जैसे पश्चिमी जिलों में पारा 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की संभावना है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
अगले एक सप्ताह के पूर्वानुमान की बात करें तो 23 अप्रैल तक राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में तीव्र ‘हीटवेव’ यानी ऊष्ण लहर चलने का अंदेशा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 48 घंटों में चलने वाली गर्म हवाएं न केवल दिन के समय, बल्कि शाम को भी वातावरण को तपाए रखेंगी। जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहने वाला है, जिससे सुबह 10 बजे के बाद ही लू के थपेड़े महसूस होने लगेंगे।
सप्ताह के मध्य में, यानी 24 और 25 अप्रैल के आसपास, एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी राजस्थान के गंगानगर, हनुमानगढ़ और बीकानेर क्षेत्रों में कहीं-कहीं धूल भरी आंधी चल सकती है और आसमान में हल्के बादल छा सकते हैं। हालांकि, विभाग का कहना है कि इस विक्षोभ से गर्मी से कोई बड़ी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, बल्कि वातावरण में नमी बढ़ने से उमस और बेचैनी में इजाफा हो सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों ने आम जनता को सलाह दी है कि अप्रैल के इस अंतिम सप्ताह में विशेष सावधानी बरतें। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। किसानों को भी अपनी फसलों और पशुधन के प्रबंधन के लिए विभाग की गाइडलाइन का पालन करने को कहा गया है। यह पूरा सप्ताह राजस्थान के लिए भीषण गर्मी और लू की चुनौती लेकर आ रहा है, जिससे फिलहाल राहत के कोई पुख्ता संकेत नहीं हैं।


