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वायरलनामा : राजस्थान के इस IPS अधिकारी की टिप्पणी से सोशल मीडिया पर छिड़ा वैचारिक युद्ध ! प्रेमानंद महाराज और धीरेंद्र शास्त्री को बताया ‘अंधविश्वास’ का वाहक

आपणी हथाई न्यूज, ​राजस्थान पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी किशन सहाय मीणा एक बार फिर अपनी बेबाक बयानबाजी के कारण चर्चा के केंद्र में हैं। “ईश्वर जैसी कोई शक्ति नहीं होती” जैसे बयानों से पहले ही सुर्खियां बटोर चुके मीणा ने अब देश के दो बड़े धर्मगुरुओं—प्रेमानंद महाराज और पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री—पर निशाना साधा है। एक हालिया पॉडकास्ट में उन्होंने इन आध्यात्मिक गुरुओं की लोकप्रियता के बीच उनके कार्यों को ‘अंधविश्वास’ से जोड़कर नई बहस छेड़ दी है।

व्यवहार की प्रशंसा, मगर विचारों पर प्रहार
​पॉडकास्ट के दौरान जब किशन सहाय से इन गुरुओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संतुलित लेकिन तीखी टिप्पणी की। उन्होंने प्रेमानंद महाराज के विनम्र व्यवहार और आचरण की सराहना तो की, लेकिन साथ ही यह भी कह दिया कि वे समाज में अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे हैं। वहीं, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जाति व्यवस्था के खिलाफ उनकी आवाज सराहनीय है, लेकिन ‘धार्मिक अंधविश्वास’ फैलाने के मामले में वे भी पीछे नहीं हैं।

आस्था बनाम विज्ञान की जंग
​2004 बैच के आईपीएस अधिकारी और वर्तमान में IG (मानवाधिकार) के पद पर तैनात किशन सहाय मीणा का मानना है कि दुनिया किसी ‘सर्वशक्तिमान’ सत्ता से नहीं, बल्कि पूरी तरह विज्ञान से चलती है। फेसबुक पर सक्रिय रहने वाले मीणा अक्सर ऐसी पोस्ट साझा करते हैं जो पारंपरिक मान्यताओं को चुनौती देती हैं। उनका तर्क है कि चमत्कार और दैवीय शक्तियों जैसी अवधारणाएं समाज को पीछे धकेलती हैं और वैज्ञानिक सोच को बाधित करती हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ा ‘वैचारिक युद्ध’
​आईपीएस अधिकारी की इन टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। जहाँ एक वर्ग उनकी स्पष्टवादिता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का समर्थन कर रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान बताकर उनके पद की गरिमा पर सवाल उठा रहा है। राजस्थान के दौसा जिले के मूल निवासी किशन सहाय मीणा के इन बयानों ने एक बार फिर ‘अभिव्यक्ति की आजादी बनाम धार्मिक आस्था’ के मुद्दे को गरमा दिया है।



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