
Bikaner आपणी हथाई न्यूज, कोटगेट क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित रेलवे अंडरब्रिज को लेकर अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। लंबे समय से सिंगल लेन आरयूबी के प्रस्ताव को लेकर चल रही चर्चा के बीच अब इसे टू-लेन बनाने की योजना सामने आई है। खास बात यह है कि आरयूबी के निर्माण की जिम्मेदारी अब सार्वजनिक निर्माण विभाग के बजाय रेलवे के पास रहेगी। इससे कोटगेट से गुजरने वाले वाहन चालकों और आमजन को भविष्य में राहत मिलने की उम्मीद है।

कोटगेट शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शामिल है और यहां रेलवे क्रॉसिंग के कारण लंबे समय से यातायात प्रभावित होता रहा है। पहले प्रस्तावित आरयूबी की डिजाइन को लेकर भी सवाल उठे थे। स्थानीय व्यापारियों और शहरवासियों की मांग थी कि भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आरयूबी पर्याप्त चौड़ा बनाया जाए। इसी के बाद टू-लेन आरयूबी की दिशा में बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नए प्रस्ताव के तहत रेलवे के निर्माण विभाग के अभियंता विजयपाल बाना ने कोटगेट क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम, सार्वजनिक निर्माण विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और अभियंता भी मौजूद रहे। मौके पर आरयूबी के निर्माण, सड़क की स्थिति और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई। अब परियोजना को रेलवे स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं शुरू होंगी।
हालांकि, आरयूबी का निर्माण तुरंत शुरू होने की उम्मीद नहीं है।*परियोजना रेलवे के पास जाने के बाद मुख्यालय स्तर से तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियां लेनी होंगी। इन्हीं प्रक्रियाओं के चलते मार्च 2027 से पहले कोटगेट आरयूबी का निर्माण शुरू होना मुश्किल बताया जा रहा है। यानी शहरवासियों को अभी कुछ समय और इंतजार करना पड़ सकता है।
इधर, सार्वजनिक निर्माण विभाग ने कोटगेट क्षेत्र से अपनी मशीनरी और अन्य सामान हटाना शुरू कर दिया है। विभाग का ध्यान अब सांखला फाटक आरयूबी पर है। वहां कंक्रीट ब्लॉक तैयार करने का काम चल रहा है, जबकि नाला स्थानांतरण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। रेलवे ट्रैक के नीचे निर्माण कार्य और रेल यातायात को प्रभावित करने वाले कार्यों के लिए रेलवे प्रशासन से आवश्यक अनुमति और रेल ब्लॉक को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
कोटगेट आरयूबी के लिए भूमि और संपत्तियों से जुड़ा पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा। कुछ संपत्तियों के मुआवजे से संबंधित प्रक्रिया पहले ही सामने आ चुकी है। अब टू-लेन आरयूबी के लिए अतिरिक्त भूमि की जरूरत कितनी होगी और उससे जुड़े मुआवजे का भार किस विभाग पर आएगा, यह आगामी प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।
फिलहाल सबसे बड़ा बदलाव यही है कि कोटगेट का आरयूबी अब सिंगल लेन के बजाय टू-लेन बनाने की दिशा में बढ़ रहा है और इसकी कमान रेलवे के हाथ में होगी। यदि प्रस्तावित योजना तय स्वरूप में आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में कोटगेट क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिल सकती है।



