


आपणी हथाई न्यूज,बीकानेर के सबसे व्यस्ततम इलाके बड़ा बाजार की ‘मावा पट्टी’ में हुई सनसनीखेज लूट की गुत्थी को सिटी कोतवाली पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी ने लूट के बाद जेवरों को गलाकर सोना बना दिया और उसे बेचकर 7.50 लाख रुपये डकार लिए। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुँचने में कामयाब रही।
कर्ज चुकाने के लिए रची थी खौफनाक साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपी मोहम्मद आरीफ मोलानी, जो वर्तमान में गोपेश्वर बस्ती में रह रहा था, भारी भरकम पर्सनल लोन के बोझ तले दबा हुआ था। इस कर्ज को उतारने के लिए उसने 27 जनवरी की शाम को 72 वर्षीय वृद्धा पुष्पा देवी को अपना निशाना बनाया। आरीफ ने न केवल उनके गले की चेन और सोने के कड़े लूटे, बल्कि उन पर बेरहमी से हमला कर उन्हें बेसुध भी कर दिया था।
सुनार को झांसा देकर बेचा सोना
शातिर आरोपी ने वारदात के अगले ही दिन लूट के जेवर एक सुनार के पास ले जाकर गला दिए। उसने सुनार को विश्वास में लेने के लिए झूठ बोला कि ये जेवर उसकी पत्नी के हैं। पूर्व में पत्नी के साथ दुकान पर जाने के कारण सुनार को शक नहीं हुआ। आरोपी ने सोने के बदले प्राप्त 7.50 लाख रुपयों में से अधिकांश राशि अपने बैंक लोन चुकाने में इस्तेमाल की, जबकि 1 लाख रुपये नकद पुलिस ने उसकी दुकान से बरामद किए हैं।
36 घंटे में आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
एसएचओ सविता डाल के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 36 घंटे के भीतर आरीफ को दबोच लिया। हालांकि वारदात के समय आरोपी ने अपना चेहरा ढंका हुआ था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज के बारीक विश्लेषण से पुलिस उसे पहचानने में सफल रही। पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश कर दिया है और मामले की अगली कार्यवाही जारी है।


