Homeखटाखट स्टोरीदेश : 1 जून से बदला आम आदमी की जेब का हिसाब...

देश : 1 जून से बदला आम आदमी की जेब का हिसाब ! LPG से UPI तक नए नियम लागू, महंगी हुई गैस और कारें

आपणी हथाई न्यूज, जून महीने की शुरुआत के साथ देशभर में आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़े कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर घरेलू बजट, डिजिटल पेमेंट, टैक्स सिस्टम, ऑटो सेक्टर और ऊर्जा योजनाओं पर देखने को मिलेगा। सबसे बड़ा असर एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आया है।

तेल कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में करीब 42 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की कीमत भी 11 रुपये बढ़ गई है। राजधानी दिल्ली में अब 5 किलो सिलेंडर की कीमत 821.50 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर 3,113.50 रुपये में मिलेगा। हालांकि घरेलू उपयोग में आने वाले 14.2 किलो गैस सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

डिजिटल पेमेंट सिस्टम में भी बड़ा बदलाव लागू हुआ है। अब यूपीआई के जरिए किसी को भी पैसे भेजने से पहले स्क्रीन पर सामने वाले व्यक्ति का बैंक में दर्ज असली नाम दिखाई देगा। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने यह कदम ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी ट्रांजैक्शन पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया है। माना जा रहा है कि इससे यूपीआई लेनदेन पहले से अधिक सुरक्षित होंगे।

टैक्सपेयर्स के लिए भी जून का महीना अहम रहने वाला है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून तय की गई है। जिन लोगों की अनुमानित टैक्स देनदारी 10 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें कुल एडवांस टैक्स का 15 प्रतिशत जमा करना होगा। समय पर भुगतान नहीं करने पर ब्याज का भार भी बढ़ सकता है।

ऑटो सेक्टर में भी महंगाई का असर दिखाई देगा। देश की बड़ी कार निर्माता कंपनियों ने जून से वाहनों की कीमतें बढ़ाने का ऐलान किया है। मारुति सुजुकी ने अपने विभिन्न मॉडल्स की कीमतों में 30 हजार रुपये तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। वहीं हुंडई मोटर इंडिया भी अपने पोर्टफोलियो की कीमतों में करीब 12,800 रुपये तक इजाफा करेगी। कंपनियों ने बढ़ती उत्पादन लागत, कच्चे माल की महंगाई और ऑपरेशनल खर्च बढ़ने को इसका कारण बताया है।

सोलर एनर्जी सेक्टर में भी नए नियम लागू हो गए हैं। अब सरकारी योजनाओं, सब्सिडी वाले सोलर प्रोजेक्ट्स और नेट-मीटरिंग सिस्टम में केवल उन्हीं सोलर पैनल और सोलर सेल का उपयोग किया जा सकेगा, जो सरकार की ALMM (Approved List of Models and Manufacturers) सूची में शामिल होंगे। सरकार का कहना है कि इससे गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को मजबूत किया जाएगा।

ईंधन की कीमतों को लेकर भी लोगों की नजर बनी हुई है। हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में ईंधन दरों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।

इसके अलावा पैन कार्ड से जुड़े नियमों में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। पहले एक दिन में 50 हजार रुपये से ज्यादा नकद जमा करने पर PAN जरूरी होता था, लेकिन अब यह शर्त हटा दी गई है। वहीं प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में PAN की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। अब 45 लाख रुपये से अधिक की प्रॉपर्टी डील, गिफ्ट डीड और Joint Development Agreement (JDA) में PAN अनिवार्य होगा। साथ ही सालभर में 10 लाख रुपये से अधिक कैश निकासी पर भी PAN रिपोर्टिंग लागू रहेगी।

इन नए नियमों और बढ़ी हुई कीमतों के बीच जून का महीना आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। ऐसे में लोगों को अपनी वित्तीय योजना और खर्चों को लेकर पहले से अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी।

 



ताजा खबर