
आपणी हथाई Bikaner न्यूज,राजस्थान प्रदेश कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ द्वारा आज प्रेस वार्ता आयोजित कर आरोप लगाए की बीकानेर शहर के हालात काफी बिगड़े हुए हैं। ऐसा लग रहा है कि लोकतंत्र है ही नहीं और पूरी तरह से अफसरशाही हावी है। पूर्व यूआईटी चेयरमैन मकसूद अहमद एवं कांग्रेस नेता मनोज चौधरी ने बताया की जनता समस्याओं से त्रस्त है और विधायक चैन की बंसी बजा रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि बीकानेर में राजनैतिक शून्यता आ गई है और शहर नेतृत्वविहीन हो गया है और यह सब उस दौर में हो रहा है जब बीकानेर का प्रतिनिधत्व केन्द्र सरकार में भी है और जिले के विधायक राज्य सरकार में भी हिस्सेदारी ले रहे है।
कांग्रेस नेताओं ने इन समस्याओं को रखा
1. बीकानेर पूर्व और पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आज सडको और नालियों की हालत खराब है। पूरा शहर खुदा हुआ पडा है और जगह जगह सडके टूटी हुई है। सबने देखा है कि बारिश के मौसम में क्या हालात थे। टूटी हुई सडकों के कारण कई छोटे छोटे एक्सीडेंट हुए हैं और बुजुर्गों बच्चों को परेशानी हुई है। गडडों के कारण पानी का भराव हुआ है और लोगों के घरों में और अण्डरग्राउण्ड में पानी भर गया था। इतना सब होने के बावजूद भी प्रशासन का ध्यान इस ओर नहीं 2025
2. सीवर लाइन का कार्य पिछले दो 2025 बरसों से कछुए की चाल से आगे बढ़ रहा है। नोयडा की कम्पनी टेक्नोक्राफट को 250 करोड का यह कार्य दिया गया था जो कि सितम्बर 2025 तक पूरा होना था लेकिन वो आज दिनांक तक पूरा नहीं हुआ है। इस प्रोजेक्ट में डीपीआर बनाते समय बडी चूक हुई है। नई डीपीआर लगभग 150 किलोमीटर की बनाई जानी चाहिए थी जिस पर रगभग 600 करोड खर्च आता कम बजट के कारण अभी तक 70 किलोमीटर शिविर का भी नहीं हो पाया है। काफी क्षेत्रों में पुरानी सीवर लाइन जर्जर अवस्था में है और उसका भी कोई समाधान नहीं हो पाया है। इस कारण पूरे शहर में हालात विकट है। हमारी मांग है कि सीवर लाइन का कार्य जल्द पूरा किया जाए और अपने नार्म्स के अनुसार इसको आने वाले समय में पूरा करके शहर के लिए नासूर बन चुके इस प्रोजेक्ट को जल्द ही समाप्त किया जाए।
3. ओबीसी प्रकोष्ठ प्रशासन का ध्यान बीकानेर की पुरानी जेल की जमीन की तरफ दिलवाना चाहता है। बीकानेर में विवेकानंद मार्ग पर किसी समय ऐतिहासिक जेल थी जो कालांतर में हटा दी गईं। आज भी वह जमीन खाली पड़ी है और 2025 असामाजिक तत्वों का जमावडा वहां होता है। हम आपको बताना चाहते हैं कि इस जेल में बीकानेर के स्वतंत्रता सेनानियों ने भी काफी समय निकाला है। देश की आजादी की लड़ाई के समय आजादी के परवानों को पकड कर इसी जेल में रखा जाता था। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों का यह यातना स्थल आज तीर्थ की तरह है और इसका ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक महत्व है। हमारा प्रकोष्ठ जिला प्रशासन से मांग करता है कि इस स्थल पर स्वतंत्रता सेनानियों का स्मारक बनाया जाए और जिले के तमाम स्वतंत्रता सेनानियों के फोटो, उनका जीवन वृतान्त लगाया जाए ताकि आने वाली पीढियों को प्रेरणा मिले।
4. बीकानेर शहर लाईट कटौती से भयंकर परेशान है। मनमर्जी की लाइट कटौती ने गर्मी के इस मौसम में शहर के हालात खराब कर रखे है। इन मनमानी कटौती से बुजुर्गों बच्चों सहित मरीजों को भयंकर परेशानी का सामना करना पड रहा है। बीकेईएसएल कम्पनी को जबसे शहर की बिजली सप्लाई का काम दिया गया है तब से यह परेशानी बनी हुई है। कम्पनी प्रतिदिन शहर के विभिन्न क्षेत्रो में लाईन रखरखाव व मेंटीनेंस के नाम पर कटौती करती है। इसके बावजूद प्रतिदिन की अघोषित कटौती समझ से बाहर है। कम्पनी को शिकायत करने पर जबाब मिलता है कि मेंटीनेंस का काम चल रहा है। होली, दिपावली, ईद, मोहर्रम सहित सभी धर्मों के समस्त त्योहारों पर बिजली की कटौती ने बीकानेर में बिजली कटौती का इतिहास बनाया है। हमारी मांग है कि जिला प्रशासन इस ओर ध्यान दे और इस बिजली की अनियमित कटौती को बंद करवाकर शहर को इस समस्या से निजात दिलवाई जाए।


