


आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर के सेंट्रल जेल में अनुकम्पा नियुक्ति के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का एक मामला सामने आया है। जेल प्रशासन की ओर से इस मामलें में बीछवाल थाने में एक महिला के नाम शिकायत दी गई है जिसमें बताया गया है कि महिला ने अपने दिवंगत पति की नौकरी पाने के लिए कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग किया है।
जानकारी के अनुसार जेल के सहायक प्रशासनिक अधिकारी सुरेश जोशी की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया है कि करमीसर रोड़ राजीव नगर निवासी केंद्रीय कारागार कर्मचारी सिकन्दर वाल्मीकि की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी मुन्नी उर्फ सीता ने अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। प्रथम दृष्टया दस्तावेजों में गड़बड़ी नजर आने पर कारागार प्रशासन ने इसकी शिकायत थाने में दी,जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
कैसे गहराया शक
दरअसल,मृतक सिकन्दर की पत्नी ने पहले मुन्नी देवी के नाम से अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था और दस्तावेज प्रस्तुत किये थे जबकि सिकन्दर ने अपने रिकॉर्ड में अपनी पत्नी का नाम सीता दर्ज कराया था। नाम में भिन्नता होने पर मुन्नी उर्फ सीता ने राजस्थान राजपत्र साधारण अंक 15 वोल्युम 77 गजट नोटिफिकेशन राज्य केंद्रीय मुद्रणालय जयपुर 11 जून 2025 को चार बिंदुओं में पेश किया जिसका सत्यापन करने से सही पाया गया। इसके बाद मुन्नी ने 10 जुलाई 2025 को एक और शपथ पत्र पेश किया जो मिथ्या पाया गया। इस पर मुन्नी उर्फ सीता के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया गयं


