


आपणी हथाई क्राइम न्यूजी, नोखा (बीकानेर)। राजस्थान के बीकानेर जिले की नोखा थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज ‘ब्लाइंड मर्डर’ केस का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि मृतक अनिल की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि उसके सगे चचेरे भाइयों ने ही घर में घुसकर की थी। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को दबोच लिया है।
क्या था पूरा मामला?
घटनाक्रम के अनुसार, 23 मार्च 2026 को रासीसर निवासी भगवानाराम बिश्नोई ने नोखा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनके घर में घुसकर उनके पुत्र अनिल कुमार पूनिया के साथ मारपीट की और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तुरंत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
क्या था पूरा मामला?
घटनाक्रम के अनुसार, 23 मार्च 2026 को रासीसर निवासी भगवानाराम बिश्नोई ने नोखा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनके घर में घुसकर उनके पुत्र अनिल कुमार पूनिया के साथ मारपीट की और उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। मामला गंभीर होने के कारण पुलिस ने तुरंत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
बीकानेर आईजी ओमप्रकाश और एसपी मृदुल कच्छावा के निर्देशन में इस हत्याकांड को सुलझाने के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बनवारीलाल मीणा और सीओ नोखा जरनैल सिंह के नेतृत्व में टीमों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और एफएसएल (FSL) टीम की मदद ली।
पुलिस ने मुखबिर तंत्र और वैज्ञानिक साक्ष्यों (Scientific Evidence) के आधार पर संदिग्धों को चिन्हित किया। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने मृतक के चचेरे भाइयों जगदीश और रामकुमार (दोनों पुत्र बीरबलराम बिश्नोई) को हिरासत में लिया। सघन पूछताछ के बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
इन अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका
इस गुत्थी को सुलझाने में नोखा थानाधिकारी अरविन्द कुमार, जसरासर थानाधिकारी आलोकसिंह, और देशनोक थानाधिकारी सुमन शेखावत सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। फिलहाल पुलिस आरोपियों से हत्या के पीछे के मुख्य कारणों को लेकर विस्तृत पूछताछ कर रही है। हालांकि शुरुआती कारणों में यह सामने आया है कि एक लड़की को आपत्तिजनक अवस्था में मृतक के साथ देखने के बाद यह कदम उठाया गया।


