


आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने फर्जी फर्म बनाकर बैंक खाते खुलवाए और उन्हीं खातों के जरिए करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन को अंजाम दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने केवल 19 दिनों में करीब 2 करोड़ 28 लाख रुपए का ट्रांजेक्शन करवाया, जिससे जांच एजेंसियां भी हैरान रह गईं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी बंगला नगर निवासी चंपालाल सोनी उर्फ कालू जो साइबर ठगी करने वाले गिरोह के लिए बैंकिंग नेटवर्क उपलब्ध कराने का काम करता था। आरोपी ने एक ऐसी फर्म के नाम पर बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया, जिसका वास्तविक अस्तित्व ही नहीं मिला। बाद में इसी खाते का उपयोग साइबर ठगी से जुड़े पैसों के लेन-देन में किया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी के खाते में 16 अप्रैल से 4 मई के बीच भारी मात्रा में रकम जमा हुई। लगातार हो रहे ट्रांजेक्शन ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा, जिसके बाद साइबर थाना पुलिस ने पूरे मामले की गहन पड़ताल शुरू की। अब पुलिस यह जानने में जुटी है कि यह रकम किन राज्यों से आई और किन साइबर अपराधों से इसका संबंध था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपी साइबर ठगों के संपर्क में था और कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध करवाता था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अन्य लोगों के खातों में भी ठगी की रकम जमा करवाकर नकदी निकलवाता था और बाद में यह राशि गिरोह तक पहुंचाई जाती थी। इसके एवज में उसे मोटा कमीशन मिलता था।
मामले की सबसे गंभीर बात यह सामने आई है कि जिस फर्म के नाम पर बैंक खाता खोला गया, उसका कोई वास्तविक व्यवसायिक रिकॉर्ड नहीं मिला। ऐसे में बैंक की कार्यप्रणाली और दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं बैंकिंग नियमों की अनदेखी या लापरवाही तो नहीं हुई।
साइबर थाना पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं।


