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Bikaner : जोधपुर डिस्कॉम से हुआ करोड़ों का फर्जी भुगतान ! बोलने पर जान से मारने की धमकी, अधिकारी साध रहे चुप्पी..

बीकानेर आपणी हथाई न्यूज, जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेडीवीवीएनएल) में ट्रंकी कार्य हेतु सामग्री क्रय के नाम पर करोड़ों रुपये के फर्जी भुगतान कर निगम को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप सामने आया है। आरोप है कि शिकायतें किए जाने के बावजूद न तो राज्य सरकार और न ही डिस्कॉम प्रबंधन द्वारा संबंधित फर्म के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई की गई है।

जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड कर्मचारी मजदूर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामकुमार व्यास ने प्रेस वार्ता में चेतावनी दी कि यदि दोषी फर्म के विरुद्ध शीघ्र आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं किया गया तो 19 जनवरी से मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

व्यास ने बताया कि मैसर्स भवरिया इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्रा. लि., जयपुर द्वारा पीसीसी पोल की आपूर्ति में न तो ई-वे बिल तैयार किए गए और न ही जांच समिति को प्रस्तुत किए गए। सामग्री आपूर्ति करने वाली अन्य फर्मों से जानकारी लेने पर खुलासा हुआ कि भवरिया इन्फ्रा प्रोजेक्ट द्वारा खरीदे गए ट्रांसफार्मर का मूल इनवॉइस मात्र 12 लाख रुपये का था, जिसे फर्जीवाड़ा कर 65 लाख रुपये का दर्शाया गया। इससे निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।

लंबे समय से पदोन्नति लंबित, सैकड़ों पद रिक्त
व्यास ने कहा कि वर्ष 1992 में नियुक्त कर्मचारियों की आज तक पदोन्नति नहीं हुई है, जबकि उनके बाद नियुक्त कर्मियों को पदोन्नति दी जा चुकी है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। वर्तमान में 350 से अधिक कर्मचारी पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के उस बयान को भी हास्यास्पद बताया, जिसमें जिले में पदों से अधिक कर्मचारियों की बात कही गई थी।

व्यास के अनुसार, जिले में स्वीकृत 2317 पदों के मुकाबले मात्र 930 कार्मिक ही कार्यरत हैं। इसके बावजूद बीकानेर जिले के कर्मचारियों का बाहर स्थानांतरण कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। इस स्थिति में कर्मचारी अत्यधिक मानसिक तनाव में कार्य करने को मजबूर हैं।

जान से मारने की धमकी का आरोप

रामकुमार व्यास ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने विभाग में व्याप्त कथित महाभ्रष्टाचार की शिकायत स्थानीय प्रशासन से लेकर सरकार एवं मंत्री स्तर तक की, तो एक अधिशाषी अभियंता ने उन्हें शिकायत वापस लेने की सलाह दी और यहां तक कहा कि ऑफिस से घर जाते समय किसी वाहन की चपेट में भी आ सकते हो। इसे उन्होंने स्पष्ट रूप से जान से मारने की धमकी बताया।

व्यास ने कहा कि धमकियों के बावजूद वे पीछे हटने वाले नहीं हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।



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