
आपणी हथाई Bikaner न्यूज,नत्थूसर गेट के बाहर गोकूल सर्किल स्थित सूरदासाणी पंचायत बगेची में चल रहे त्रिदिवसीय काल भैरवाष्टमी महोत्सव का समापन बुधवार को भक्ति और उल्लास के साथ हुआ।महोत्सव के तीसरे दिन प्रातःकाल तेलाभिषेक एवं पंचगव्य अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ।भक्तों ने आरती, पाठ और पूजा-अर्चना में भाग लेकर भैरव जी से सुख-समृद्धि एवं मंगल की कामनाएँ कीं।

सायंकाल कोंडाणा भैरूं जी का विशेष और सियाणा भैरूं जी का स्वर्ण श्रृंगार किया गया, जिससे मंदिर प्रांगण का दृश्य अलौकिक एवं मनमोहक बन गया।भैरव जी को छप्पन भोग अर्पित किए गए तथा मेवायुक्त राबड़िये का प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।मंदिर परिसर को रंगीन गुब्बारों, पुष्पों और दीपों से आकर्षक रूप से सजाया गया।
अध्यक्ष शंकर पुरोहित ने बताया कि इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन लाभ के लिए पहुंचे।
सह-आयोजक गणपत पुरोहित ने कहा कि वैदिक विधि से संपन्न महाअभिषेक और श्रृंगार ने पूरे वातावरण में दिव्यता का संचार किया।
कार्यक्रम प्रभारी राजकुमार पुरोहित ने बताया कि त्रिदिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन वेद पाठी ब्राह्मणों द्वारा किए जा रहे 11,000 भैरू जी के पाठ संपन्न हुए।आरती पश्चात 201 नन्हे-मुन्ने बटुकों और जोगणियों का पूजन कर उपहार अर्पित किए गए।भजन संध्या में “चक मक करतो बण्यो रे चूरमो” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।
मीडिया प्रभारी अजय कुमार पुरोहित ने बताया कि महोत्सव के समापन अवसर पर पूरे परिसर में भक्ति और उल्लास का माहौल रहा।
आयोजन में कैलाश पुरोहित, अजय पुरोहित, विनय पुरोहित, करनीदान व्यास, गणपत पुरोहित, अभिषेक जोशी, श्याम पुरोहित, मनोज पुरोहित, संजीव व्यास, किशन व्यास, बसंत व्यास, श्रीकांत, प्रवीण चूरा, अंजलि, प्रीती, जीविका, अभिषेक, शंकर, आशुतोष, किरण सहित अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।


