बीकानेर जेल की सुरक्षा में सेंध: दीवार पार से जेल के अंदर फेंके 3 पैकेट, ये सामान बरामद
Bikaner आपणी हथाई न्यूज,बीकानेर केंद्रीय कारागृह में एक बार फिर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार देर रात अज्ञात लोगों ने जेल की दीवार के ऊपर से बंदियों तक प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कोशिश की। क्वार्टरों के बीच से जेल परिसर की ओर फेंके गए तीन पैकेट सीधे नंबर दो वार्ड के पास जा गिरे। गश्त कर रहे जेल कर्मचारियों की नजर संदिग्ध पैकेटों पर पड़ी तो उन्हें बरामद कर अधिकारियों को सूचना दी गई।
मंगलवार सुबह पैकेटों की जांच की गई तो उनमें जर्दे के करीब 60 पाउच और बीड़ी के चार बंडल मिले। बाद में बरामद सामग्री बीछवाल थाना पुलिस को सौंप दी गई। प्रहरी गुलवीरसिंह की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच एएसआई खेतसिंह को सौंपी है। फिलहाल दीवार के बाहर से पैकेट फेंकने वाले लोगों की पहचान नहीं हो सकी है।
टावर, सीसीटीवी और गश्त के बावजूद बार-बार थ्रो
केंद्रीय कारागृह में सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। टावरों पर आरएसी के जवान तैनात रहते हैं, जबकि जेल परिसर में होमगार्ड के जवानों की गश्त भी होती है। इसके बावजूद बाहरी लोग जेल की दीवार तक पहुंचकर बंदियों के लिए जर्दा, बीड़ी और अन्य संदिग्ध सामग्री फेंकने में सफल हो रहे हैं।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि इसी तरह दीवार के ऊपर से हथियार या कोई खतरनाक वस्तु अंदर पहुंच गई तो जेल के भीतर गंभीर वारदात हो सकती है। जेल में पहले भी गैंगवार और बंदियों के बीच हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं।
कुछ दिन पहले भी हुआ था ऐसा प्रयास
जेल में प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। कुछ दिन पहले भी अज्ञात लोगों ने जर्दे के पाउच से भरे दो पैकेट जेल की ओर फेंके थे। हालांकि दोनों पैकेट दीवार पार नहीं कर पाए और बाहर ही गिर गए। बताया गया कि यह थ्रो जेल के टावर नंबर चार और छह के बीच से किया गया था। उस दौरान दो संदिग्ध लोगों को देखे जाने की बात सामने आई थी, लेकिन वे पकड़ में नहीं आ सके।
इससे पहले टावर नंबर चार के पास से ब्राउन टेप से लिपटी गेंदनुमा पांच वस्तुएं जेल के अंदर फेंकी गई थीं। इनमें से एक वार्ड नंबर पांच में जा गिरी, जबकि चार बाहर रह गईं। जांच में इन पैकेटों से जर्दे के कुल 153 पाउच बरामद हुए थे।
जेल स्टॉफ की मिलीभगत की आशंका भी
बार-बार हो रहे थ्रो के पीछे जेल के अंदर से किसी तरह की सूचना लीक होने या कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है। पूर्व में प्रहरी मनोज कुमार के अंडरगारमेंट से जर्दे की पुड़िया बरामद होने का मामला सामने आ चुका है। इसके अलावा विभागीय जांच में भी कुछ मामलों में कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
सोमवार रात हुए थ्रो को लेकर भी यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बाहरी लोगों को जेल की सुरक्षा व्यवस्था और गश्त के कमजोर स्थानों की जानकारी कैसे मिली। बताया जा रहा है कि मैनपावर की कमी के चलते रात के समय गश्त व्यवस्था प्रभावित थी। ऐसे में आशंका है कि थ्रो करने वालों को इसकी जानकारी पहले से थी।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल की दीवार तक पहुंचकर पैकेट फेंकने वाले कौन थे और उनके संपर्क जेल के अंदर मौजूद किसी व्यक्ति से थे या नहीं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने केंद्रीय कारागृह की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


