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Bikaner Politics : पूर्व मंत्री मेघवाल के वायरल ऑडियो-वीडियो के बाद भी चुप्पी ! नाराज महासचिव जोशी ने सौंपा अपना इस्तीफा

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Bikaner Politics आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान के बीकानेर की शांत राजनीति में सोमवार को उस वक्त भूचाल आ गया, जब शहर कांग्रेस के महासचिव आनंद कुमार जोशी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता को ‘अलविदा’ कह दिया। यह केवल एक इस्तीफा नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर सुलग रहे असंतोष और स्वाभिमान की एक बड़ी गूँज है।

विवाद की जड़: एक वायरल वीडियो और ‘जातिवाद का जहर’
इस पूरे ड्रामे के केंद्र में पूर्व मंत्री गोविंद मेघवाल का वह कथित वीडियो है, जिसने सोशल मीडिया पर आग की तरह फैलकर कांग्रेस की आंतरिक कलह को चौराहे पर ला खड़ा किया है। आरोप है कि इस वीडियो में न केवल वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, बल्कि राजनीतिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर ‘जातिवाद’ की बातें भी की गईं।

रामेश्वर डूडी का अपमान बना ‘टर्निंग पॉइंट’
आनंद कुमार जोशी ने अपने इस्तीफे में जो दर्द बयां किया, उसके पीछे उनके आदर्श नेता श्री रामेश्वर डूडी के प्रति की गई अशोभनीय टिप्पणियां हैं। जोशी का कहना है

“जब मेरे आदर्श और पार्टी के स्तंभों (रामेश्वर डूडी, बी.डी. कल्ला, शंकर पन्नू) का ही सम्मान सुरक्षित नहीं है, तो ऐसे संगठन में रहने का कोई औचित्य नहीं रह जाता।”

संगठन की ‘चुप्पी’ ने बढ़ाई नाराजगी
जोशी का इस्तीफा केवल एक नेता के बयान के खिलाफ नहीं, बल्कि प्रदेश संगठन की निष्क्रियता के खिलाफ भी एक विद्रोह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवादास्पद वीडियो पर कार्रवाई के लिए गुहार लगाई गई थी।नेतृत्व ने इस गंभीर अनुशासनहीनता पर मौन साधे रखा। इस चुप्पी ने निष्ठावान कार्यकर्ताओं के मनोबल को चोट पहुंचाई है।

बीकानेर की राजनीति में इसे आनंद कुमार जोशी का एक बड़ा दांव माना जा रहा है। उन्होंने साफ कर दिया है कि उनके लिए ‘पद’ से बड़ा ‘सिद्धांत’ है और ‘सियासत’ से बड़ा ‘आत्मसम्मान’। इस इस्तीफे ने अब प्रदेश कांग्रेस के आलाकमान को कटघरे में खड़ा कर दिया है कि वे अनुशासन और अपनों के सम्मान के बीच किसे चुनते हैं।



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