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Bikaner : जिसे पुलिस लावारिस समझ बैठी,वो निकला पुलिसकर्मी ! अब DNA टेस्ट से लगेगी आधिकारिक मुहर

आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर जिले की पुलिस के सामने अब एक चौंकाने वाला सामने आया है जिसके चलते स्वयं पुलिस के सामने अजीबो-गरीब स्थिति पैदा हो गई। 23 नवंबर खाजूवाला में मिले एक शव को पुलिस ने अज्ञात व लावारिस की श्रेणी में मानकर अंतिम संस्कार (दफन) किया था, उसकी 13 दिन बाद शिनाख्त होने पर वह अपना पुलिस का अपना बंदा यानि पुलिस कांस्टेबल निकला। यही नहीं इस घटनाक्रम ने जिसने खुद पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हुआ यूं कि जिस अज्ञात शव को पुलिस ने 13 दिन पहले लावारिस मानकर दफना दिया था, अब उसी शव की पहचान एक राजस्थान पुलिस के कांस्टेबल के रूप में हुई है। शनिवार को परिजनों की मौजूदगी में शव को कब्र से बाहर निकलवाकर डीएनए सैंपल लिया गया है, जिसके बाद ही आधिकारिक पुष्टि होगी।

 

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया पर यह जानकारी वायरल हुई कि मृतक के दाहिने हाथ पर ‘अमरजीत चौहान’ लिखा हुआ है। यही बात परिजनों तक पहुंची। इसके बाद श्रीगंगानगर से परिजन खाजूवाला पहुंचे और कपड़े-जूते देखकर पहचान की पुष्टि की। खाजूवाला पुलिस के अनुसार, आज परिजनों की मौजूदगी में दफनाए गए शव को बाहर निकलवाया गया और डीएनए सैंपल लिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही पहचान पर कानूनी और आधिकारिक मुहर लगेगी।

 

मृतक की पहचान अनूपगढ़ थाने में तैनात कांस्टेबल अमरजीत चौहान के रूप में हुई है। वह इससे पहले श्रीगंगानगर में ट्रैफिक पुलिस में भी सेवाएं दे चुका था। अमरजीत मूल रूप से श्रीगंगानगर जिले के लालगढ़ क्षेत्र के हाकमाबाद गांव का निवासी था। 23 नवंबर को वह खाजूवाला के पास ग्राम पंचायत 3 पावली, चक 1 केजेडी में अपने ताऊ से मिलने आ रहा था।सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांस्टेबल अमरजीत चौहान सड़क किनारे अचेत अवस्था में कैसे मिला? बरहाल, लोग अब पुलिस की इस तरीके की कार्य शैली पर सवाल उठाने लगे हैं



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