

Bikaner आपणी हथाई न्यूज, पूर्व राजपरिवार का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला लालगढ़ पैलेस और लक्ष्मी निवास पैलेस के प्रवेश द्वार पर स्थापित महाराजा स्वर्गीय लालसिंह की संगमरमर की ऐतिहासिक प्रतिमा के संरक्षण से जुड़ा है। राज्यश्री कुमारी ने अपनी भतीजी और बीकानेर पूर्व की विधायक सिद्धि कुमारी को पत्र लिखकर प्रतिमा की स्थिति पर नाराजगी जताई है। राज्यश्री कुमारी ने आरोप लगाया है कि जीर्णोद्धार के दौरान प्रतिमा के मूल स्वरूप को नुकसान पहुंचा है और उसके नीचे अंकित जीवनकाल का विवरण भी मिट गया है।

राज्यश्री कुमारी के अनुसार, उनके परदादा महाराजा गंगासिंह ने करीब 111 वर्ष पहले महाराजा लालसिंह की यह प्रतिमा स्थापित करवाई थी। उनका कहना है कि इस ऐतिहासिक धरोहर का लंबे समय से नियमित रखरखाव कराया जा रहा था। उन्हें जानकारी मिली कि पैलेस परिसर में सिद्धि कुमारी के निर्देश पर जीर्णोद्धार का काम करवाया जा रहा है। राज्यश्री का आरोप है कि प्रतिमा को कई महीनों तक ढककर रखने के बाद जब खोला गया तो उसकी हालत देखकर उन्हें झटका लगा। उन्होंने प्रतिमा की सफाई और संरक्षण में विशेषज्ञों की सलाह के बिना कठोर रसायनों के इस्तेमाल की आशंका भी जताई है।

राज्यश्री कुमारी ने इस कथित लापरवाही को पूर्वजों की विरासत के अपमान और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के नाम पर उसके साथ खिलवाड़ बताया है। हालांकि, प्रतिमा को नुकसान पहुंचने के आरोपों और रसायनों के इस्तेमाल को लेकर स्वतंत्र तकनीकी जांच की पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। सिद्धि कुमारी का इस नए आरोप पर क्या पक्ष है, यह भी स्पष्ट होना बाकी है।
गौरतलब है कि बीकानेर के पूर्व राजपरिवार में संपत्तियों और विभिन्न धर्मार्थ न्यासों के प्रबंधन को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। नवंबर 2024 में परिवार से जुड़े पक्षों के बीच शिकायतों और प्राथमिकी की खबरें आई थीं। जनवरी 2025 में देवस्थान विभाग के न्यास प्रबंधन संबंधी फैसले को लेकर भी मामला चर्चा में रहा था। अब ऐतिहासिक प्रतिमा के संरक्षण को लेकर उठे सवालों ने एक बार फिर परिवार के विवाद को चर्चा में ला दिया है। फिलहाल इस नए मामले में प्रतिमा की वास्तविक स्थिति, संरक्षण कार्य में अपनाई गई प्रक्रिया और जिम्मेदारी तय करने के लिए संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष तथा विशेषज्ञों की जांच महत्वपूर्ण होगी।



