Aapni Hathi Bollywood News, बीकानेर के बारहगुवाड़ चौक से निकलकर बॉलीवुड तक का सफर तय करने वाले अभिनेता और कास्टिंग डायरेक्टर नवनीत रंगा आज अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल कर चुके हैं। किसी फिल्मी पृष्ठभूमि या बड़े संपर्क के बिना उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक फार्मा कंपनी में नौकरी से की थी, लेकिन अभिनय के प्रति जुनून उन्हें मुंबई ले आया और आज वे बॉलीवुड का जाना-पहचाना चेहरा बन चुके हैं।
हाल ही में रिलीज हुई निर्देशक अनुराग कश्यप की फिल्म ‘बंदर’में नवनीत रंगा ने एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बॉबी देओल अभिनीत इस फिल्म की शुरुआत और समापन दोनों ही उनके दृश्यों से होता है। फिल्म में उन्होंने ऐसे किरदार को जीवंत किया है जो कहानी में बॉबी देओल के पतन का प्रमुख कारण बनता है। उनके अभिनय को दर्शकों के साथ-साथ फिल्म जगत के कलाकारों से भी सराहना मिल रही है।
पिछले एक दशक से मुंबई में सक्रिय नवनीत रंगा इससे पहले *‘रेड 2’ , ‘संदीप और पिंकी फरार’, ‘इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड’* और चर्चित वेब सीरीज *‘दहाड़’* में नजर आ चुके हैं। अभिनय के साथ-साथ वे ‘मैग्पाय कास्टिंग’ नामक कास्टिंग कंपनी का संचालन भी करते हैं। लोकप्रिय वेब सीरीज *‘पंचायत’* के चर्चित किरदार ‘बनराकस’ यानी दुर्गेश कुमार की खोज और दिवंगत अभिनेता इरफान खान की अंतिम फिल्म *‘अंग्रेजी मीडियम’* की कास्टिंग का श्रेय भी उन्हें जाता है।
नवनीत बताते हैं कि अनुराग कश्यप की फिल्मों में काम करने का अनुभव बेहद अलग होता है। उन्होंने बताया कि ‘बंदर’ के लिए दिया गया उनका ऑडिशन ही बाद में फिल्म का ओपनिंग सीन बन गया। उस समय उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने सड़क पर एक चेज़ सीक्वेंस और एसिड अटैक की कोशिश वाले दृश्य को बेहद वास्तविक तरीके से रिकॉर्ड किया था, जिसे अनुराग कश्यप ने काफी पसंद किया।
अपने किरदार की तैयारी के बारे में नवनीत ने बताया कि उन्होंने लंबे समय तक बाल और दाढ़ी बढ़ाकर लुक पर काम किया। हालांकि उनके लिए सिर्फ बाहरी रूप नहीं बल्कि किरदार की सोच, व्यवहार और बॉडी लैंग्वेज को समझना भी उतना ही महत्वपूर्ण था। उन्होंने किरदार को साधारण लेकिन रहस्यमयी व्यक्तित्व देने की कोशिश की, जिससे दर्शकों के मन में जिज्ञासा बनी रहे।
फिल्म में बॉबी देओल के साथ काम करने के अनुभव को याद करते हुए नवनीत ने कहा कि वे बेहद विनम्र और सहयोगी कलाकार हैं। उन्होंने बताया कि बॉबी देओल जैसे बड़े सितारे से उन्होंने सफलता के बाद भी जमीन से जुड़े रहने का गुण सीखा।
अनुराग कश्यप के निर्देशन की तारीफ करते हुए नवनीत ने कहा कि वे कलाकारों पर भरोसा करते हैं और उन्हें अपने किरदार को जीने की पूरी स्वतंत्रता देते हैं। उनके साथ काम करते समय ऐसा महसूस होता है मानो किसी वास्तविक दुनिया का हिस्सा हों, यही उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी विशेषता है।
अजय देवगन के साथ फिल्म *‘रेड 2’* में काम करने के अनुभव को भी उन्होंने खास बताया। नवनीत के अनुसार अजय देवगन की सादगी और अनुशासन उन्हें बेहद प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि अजय देवगन द्वारा उनके काम की सराहना किया जाना उनके लिए बड़ी उपलब्धि रही।
भविष्य को लेकर नवनीत रंगा का कहना है कि वे ‘बंदर’ की सफलता को मंजिल नहीं बल्कि एक नए पड़ाव के रूप में देखते हैं। उनका लक्ष्य ऐसे चुनौतीपूर्ण और प्रभावशाली किरदार निभाना है जो दर्शकों के दिलों में लंबे समय तक अपनी छाप छोड़ सकें।


