


आपणी हथाई न्यूज, बीकानेर अगर आप आज कहीं बाहर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! बीकानेर बस ऑपरेटर एसोसिएशन सहित प्रदेश भर के निजी बस ऑपरेटर्स ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। रविवार को हुई एक अहम बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया कि सोमवार (23 फरवरी) की आधी रात से जिले की सभी निजी बसें सड़कों पर नहीं उतरेंगी। यह हड़ताल अनिश्चितकालीन है, जिसका सीधा मतलब है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, बसें स्टैंड पर ही खड़ी रहेंगी। माना जा रहा है कि इस हड़ताल से करीब 15 लाख यात्री प्रभावित होंगे।
क्या-क्या रहेगा बंद?
इस हड़ताल का असर व्यापक होने वाला है। एसोसिएशन के अध्यक्ष समुन्द्र सिंह राठौड़ के अनुसार, स्लीपर कोच, नॉन-स्लीपर, लोक परिवहन (स्टेज कैरिज) और ग्रामीण रूटों पर चलने वाली सभी निजी बसें पूरी तरह बंद रहेंगी। खास बात यह है कि स्लीपर बसों का संचालन तो आज दिन से ही रोक दिया गया है। जो बसें रविवार को शहर से बाहर गई थीं, उन्हें भी वापस लौटकर बीकानेर में ही रुकने के निर्देश दिए गए हैं।
आखिर क्यों है यह गुस्सा?
बस मालिकों की नाराजगी सरकार की हालिया कार्रवाई को लेकर है। उनका आरोप है कि नए नियमों की आड़ में वाहन स्वामियों को बेवजह परेशान किया जा रहा है और ग्रामीण बसों से करियर हटवाए जा रहे हैं। ऑपरेटरों का साफ कहना है कि जब तक राज्य सरकार इन मुद्दों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक चक्का जाम जारी रहेगा।


