


बीकानेर के पुष्करणा समाज और पूरे क्षेत्र के लिए हर्ष और गर्व का विषय है कि शहर की होनहार बेटी शिवानी पुरोहित ने भारतीय रेलवे में सहायक लोको पायलट (ALP) बनकर इतिहास रच दिया है। शिवानी की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि वे बीकानेर जिले की तीसरी ऐसी बेटी बन गई हैं, जो ट्रेन के इंजन को संभालकर पटरियों पर सफलता की दौड़ लगाएंगी। उनकी इस नियुक्ति से पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
शिवानी की इस सफलता की जड़ें उनकी पारिवारिक विरासत से जुड़ी हैं। उनके दादा स्वर्गीय बद्री नारायण पुरोहित स्वयं भारतीय रेलवे में लोको पायलट थे और वर्ष 1992 में इसी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बचपन से ही अपने दादा को आदर्श मानने वाली शिवानी ने तय किया था कि वह उनके पदचिन्हों पर चलते हुए रेलवे में अपना करियर बनाएंगी। उनके पिता योगेन्द्र कुमार पुरोहित, जो पेशे से अधिवक्ता हैं, और उनकी माता सपना पुरोहित ने अपनी बेटी के इस साहसी सपने को पूरा करने में हर कदम पर सहयोग और प्रोत्साहन दिया।
शिवानी की नियुक्ति की प्रक्रिया 15 दिसंबर 2025 से शुरू हुई, जिसके बाद उन्होंने जोधपुर के ‘भगत की कोठी’ में गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया। ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता का परिचय देते हुए बीकानेर और जोधपुर डिवीजन की क्लास मॉनिटर के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इसके बाद उदयपुर स्थित जोनल रेलवे ट्रेनिंग सेंटर (ZRTC) में 1 फरवरी से 2 अप्रैल तक चले कड़े प्रशिक्षण सत्र में शिवानी ने अपनी काबिलियत साबित की। उन्होंने कुल 237 प्रशिक्षुओं के बीच शानदार 34वीं रैंक हासिल कर अपनी मेधा का प्रदर्शन किया।
प्रशिक्षण का सफर सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद शिवानी को बीकानेर डिवीजन अलॉट किया गया है, जहाँ वे जल्द ही अपनी सेवाएं देना शुरू करेंगी। शिवानी पुरोहित अब पुष्करणा समाज की पहली महिला लोको पायलट के रूप में पहचानी जाएंगी। उनकी यह उपलब्धि समाज की अन्य बेटियों के लिए एक मिसाल है, जो यह संदेश देती है कि यदि इरादे मजबूत हों और मेहनत में सच्चाई हो, तो पारंपरिक बंधनों को तोड़कर आसमान छुआ जा सकता है।


