आपणी हथाई बीकानेर न्यूज, पर्यावरण संरक्षण के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। बीकानेर के कलेक्ट्रेट पर पिछले 11 दिनों से कड़कड़ाती धूप और रातों में डटे पर्यावरण प्रेमियों के अटूट जज्बे के आगे अंततः राज्य सरकार को झुकना पड़ा। सरकार ने खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अब इसे पूरे प्रदेश में ‘संरक्षित वृक्ष’ घोषित कर दिया है।
देर रात पहुँचा सरकारी दूतों का जत्था
गुरुवार की रात आंदोलन स्थल पर गहमागहमी तब बढ़ गई जब राज्य मंत्री केके बिश्नोई, जसवंत सिंह, विधायक पबाराम और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल बिश्नोई शासन सचिव का आधिकारिक आदेश लेकर धरना स्थल पहुँचे। आदेश की बारीकियों को समझने के बाद पर्यावरण समिति ने सरकार के इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए महापड़ाव स्थगित करने का निर्णय लिया।
आदेश में क्या है खास?
सख्त प्रतिबंध: अब पूरे राजस्थान में खेजड़ी को काटना अपराध की श्रेणी में होगा।
कलेक्टरों को कमान: प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में खेजड़ी संहार को रोकने के लिए तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
त्वरित कार्रवाई: अवैध कटाई की सूचना मिलने पर प्रशासन को तुरंत मौके पर पहुँचकर सख्त कानूनी कदम उठाने होंगे।
”यह केवल हमारी जीत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की जीत है। राज्य सरकार ने हमारी मांगों को मानकर प्रकृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।”
— परसराम खोखर, संयोजक, पर्यावरण समिति


