


आपणी हथाई न्यूज, चीन-जापान के रिश्तों में इन दिनों जापानी पीएम ताकाइची के ताइवान को लेकर दिए गए बयान के बाद तल्खी दिखाई दे रही है। मंगलवार को रिश्तों में नरमी को लेकर जापान के एक वरिष्ठ अधिकारी बीजिंग दौरे पर भी पहुंचे लेकिन उसका कोई असर नही हुआ। वही दूसरी ओर चीन ने सैन्य धमकी देने का आरोप लगाते हुए तकाइची से बयान वापस लेने की मांग की हैं हालांकि जापानी पीएम ताकाइची ने बयान वापस नही लिया है।।
आपकों बता दे कि ताकाइची ने जापानी संसद में कहा कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो जापान भी युद्ध में शामिल हो सकता है, क्योंकि यह जापान की सुरक्षा के लिए खतरा होगा। इस बयान के बाद चीन, जापान पर बिफर गया।
चीन ने उठाएं सख्त कदम
सीफूड आयात रोकने के अलावा चीन ने कई और कदम सख्त कदम उठाए हैं। चीन ने अपने कोस्टगार्ड जहाज विवादित सेनकाकू आइलैंड के पास भेजे और जापान के सबसे पश्चिमी द्वीप योनागुनी के पास मिलिट्री ड्रोन उड़ाए। चीन ने जापान को लेकर ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी थी।इसके बाद लगभग 5 लाख लोगों ने जापान की उड़ानें रद्द कर दीं। जापानी पर्यटन और खुदरा कंपनियों के शेयर तेजी से गिर गए। जापानी फिल्म रिलीज और कई सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए। संयुक्त राष्ट्र में चीन के प्रतिनिधि फू कोंग ने कहा कि ताकाइची के बयान के कारण जापान सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के योग्य नहीं है।


