


आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान में इन दिनों प्रसव प्रसुताओं पर संकट बरकरार है फिर चाहे मामला कोटा का हो या बीकानेर का या फिर जोधपुर का हो या नागौर का सब जगह कमोबेश एक जैसी स्थिति है। सरकारी अस्पतालों के हालात ये है कुछ प्रसूताओं को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है तो कुछेक भारी बीमारियां लगने के कारण जीवन का संघर्ष करती नजर आ रही है। इस बीच चिकित्सा मंत्री के अजीबोगरीब बयान भी जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे है।
शुक्रवार को अलवर के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए चिकित्सा मंत्री बोलें की हाल ही में बीकानेर और कोटा में हुई प्रसूताओं की मौतों का आपस में कोई कनेक्शन नही है। चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने आंकड़ो का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में वर्तमान स्थिति में प्रति एक लाख प्रसव पर 48 मौतें होती है जो राष्ट्रीय मानकों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। चिकित्सा मंत्री ने यह भी दावा किया कि सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए काम कर रही है।


