

Rajasthan आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में लगातार हो रही प्रसूताओं की मौतों से स्वास्थ्य विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है। कोटा और बीकानेर में प्रसूताओं की मौतों के बाद अब भीलवाड़ा जिलें महात्मा गांधी अस्पताल और बांसवाड़ा से एक खबर सामने आई है जिसमें छह दिनों के भीतर भीलवाड़ा में 5 प्रसूताओं की मौत और बांसवाड़ा में नाबालिग सहित 5 की मौत की जानकारी सामने आई है ।
बताया जा रहा है कि भीलवाड़ा के एमसीएच में जिन पांच महिलाओं की मौत हुई हैं उन सभी की सिजेरियन डिलीवरी हुई और ऑपरेशन के बाद तबियत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल के मेडिकल आईसीयू में एडमिट कराया गया जहां उनकी मौत हो गई। इस मामलें में बीते शुक्रवार को पोटला निवासी संगीता (32), 5 जुलाई को शिमला गुर्जर,7 जुलाई को फोरा देवी,8 जुलाई को ईशा पांडे और 9 जुलाई को दिव्या नाम की महिला की प्रसव के बाद मौत हो चुकी हैं सभी मामलों में परिजनों ने इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए है।
अस्पताल ने किया संक्रमण से इनकार
ऑपरेशन थिएटर की कल्चर रिपोर्ट्स पॉजिटिव आने के बाद संक्रमण को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अस्पताल के अधीक्षक डॉ अरुण गौड़ ने मौतों का कारण संक्रमण नही बल्कि मेडिकल कॉम्प्लिकेशन को बताया हैं। गौड़ ने बताया कि जो थिएटर सैंपल मानकों पर खरा नही उतरा है उसे तीन दिन से बन्द कर स्टरलाइजेशन और फ्यूमिगेशन किया जा रहा है। जब तक रिपोर्ट्स नेगेटिव नही आती तब तक वहां कोई ऑपरेशन नही होगा।
बांसवाड़ा में भी 4 प्रसूताओं की मौत
दूसरी ओर राजस्थान के बांसवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में 7 से 10 जुलाई के बीच एक नाबालिग सहित 4 प्रसूताओं की मौत की जानकारी सामने आई है। हालांकि नाबालिग की मौत गंभीर हालात में अस्पताल में लाए जाने के बाद हुई है वही दो महिलाओं की मौतगम्भीर एनीमिया और एक की मौत ऑपरेशन के दौरान बीपी बढ़ने के कारण होने की बात कही जा रही है।
जयपुर से एक्सपर्ट टीम रवाना
भीलवाड़ा मामलें की गंभीरता को देखते हुए जयपुर से डॉ अभिनव और डॉ पवन दो सदस्यीय विशेषज्ञ की टीम जयपुर से रवाना हुई है और पूरे मामलें की गहन जांच करेगी।


