

आपणी हथाई न्यूज, शिक्षा विभाग ने कोटा जिले के तीन सरकारी शिक्षकों को चार्जशीट (आरोप पत्र) थमा दी है। इन शिक्षकों का कसूर यह था कि इन्होंने सोशल मीडिया (व्हाट्सएप ग्रुप ‘रेसला’) पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयानों और एक अन्य शिक्षिका (सविता मीणा) के सस्पेंशन को लेकर टिप्पणियाँ की थीं।
शिक्षकों ने क्या लिखा था? इन शिक्षकों ने ग्रुप में लिखा था कि किसी भी शिक्षक (सविता मीणा) को बिना जांच किए सस्पेंड करना गलत है। उन्होंने विभाग की कार्यवाही पर सवाल उठाए थे।
किन शिक्षकों पर हुई कार्रवाई?
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गणेश जांगिड़ (वाइस प्रिंसिपल, सीनियर सेकंडरी स्कूल, उंडवा)
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रमा चौहान (लेक्चरर, सीनियर सेकंडरी स्कूल, वसंत विहार)
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महेंद्र कुमार मीणा (लेक्चरर, सीनियर सेकंडरी स्कूल, मोरपा)
विभाग का क्या कहना है? विभाग ने चार्जशीट में कहा है कि शिक्षकों ने:
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अनावश्यक और अनधिकृत टिप्पणियाँ कीं।
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लोकसेवक के कर्तव्य और गरिमा को भंग किया।
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विभाग की छवि को धूमिल किया।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने पहले ही स्पष्ट किया था कि कोई भी सरकारी कर्मचारी सरकार या उच्च अधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक मंच पर टिप्पणी नहीं कर सकता। यदि कोई ऐसा करता है, तो उस पर विभागीय कार्यवाही होगी।
शिक्षकों का पक्ष: शिक्षकों का कहना है कि वे चार्जशीट का नियमानुसार जवाब देंगे। शिक्षक संगठन इसे ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ का मुद्दा बताते हुए बातचीत करने की बात कह रहे हैं।


