Homeखटाखट स्टोरीRajasthan : साइबर क्राइम इतिहास की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली 'डिजिटल...

Rajasthan : साइबर क्राइम इतिहास की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली ‘डिजिटल डकैती’ का पर्दाफाश, पांच आरोपी गिरफ्तार,मुख्य सरगना अब भी दूर…

basic ad

आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान की राजधानी जयपुर से साइबर अपराध का एक बेहद खौफनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शातिर हैकर्स ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) के सरकारी पोर्टल में सेंध लगाकर देश के कई नामी उद्योगपतियों की डिजिटल तिजोरियां खाली कर दी हैं। लगभग 400 करोड़ रुपये की इस महाठगी ने सरकारी सिस्टम और उसकी डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जयपुर साइबर सेल ने जोधपुर से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, हालांकि गिरोह का मुख्य सरगना अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल के अनुसार, यह कोई आम धोखाधड़ी नहीं बल्कि एक गहरी अंतरराष्ट्रीय साजिश है जिसके तार सीधे दुबई से जुड़े हुए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जोधपुर निवासी निर्मल सोनी, सुल्तान, नंदकिशोर, अशोक भंडारी और प्रमोद खत्री के रूप में हुई है। इस गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था; ये लोग राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बैठकर फर्जी पैन और आधार कार्ड की मदद से ‘डिजिटल सिग्नेचर’ तैयार करते थे। भारतीय जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए इन फर्जी हस्ताक्षरों को जानबूझकर दुबई में डाउनलोड किया जाता था।

इस पूरी ‘डिजिटल डकैती’ के मुख्य निशाने पर ‘ड्यूटी क्रेडिट स्क्रिप्स’ थीं। यह सरकार द्वारा निर्यातकों को दी जाने वाली एक विशेष प्रकार की डिजिटल करेंसी है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) चुकाने के लिए किया जाता है। ठगों ने बड़ी ही चालाकी से सरकारी पोर्टल पर असली मालिकों की प्रोफाइल को हैक किया और वहां अपने मोबाइल नंबर तथा ईमेल आईडी अपडेट कर दिए। पूरा एक्सेस हासिल करने के बाद, उन्होंने करोड़ों रुपये की स्क्रिप्स अपने फर्जी खातों में ट्रांसफर कर लीं। इन चुराई गई स्क्रिप्स को कई फर्जी खातों में घुमाने के बाद सस्ते दामों पर अन्य व्यापारियों को बेचकर भारी मात्रा में कैश वसूला जाता था।

सीपी ओम प्रकाश ने बताया कि इस विशाल घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब दिसंबर 2025 में सौरभ चाफना नामक एक उद्योगपति ने अपनी 17.88 लाख रुपये की स्क्रिप्स चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। जब पुलिस ने मामले की परतें उधेड़नी शुरू कीं, तो 400 करोड़ रुपये का यह विशाल मकड़जाल सामने आ गया। देश में सीधे सरकारी ड्यूटी स्क्रिप्स चोरी होने के इस पहले और सबसे बड़े मामले को देखते हुए I4C और DGFT सहित तमाम केंद्रीय एजेंसियों को हाई अलर्ट कर दिया गया है। फिलहाल पुलिस मास्टरमाइंड और दुबई में बैठे उसके आकाओं की सरगर्मी से तलाश कर रही है।

 

 



ताजा खबर