
Rajasthan आपणी हथाई न्यूज, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण और गोवंश के हितों में एक बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में देर रात बीकानेर के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में गोचर भूमि का उपयोग किसी अन्य कार्य के लिए नहीं किया जाएगा और न ही इसकी किस्म बदली जाएगी। साथ ही, उन्होंने खेजड़ी के पेड़ों की कटाई रोकने के लिए कड़े प्रावधानों वाला नया कानून लाने का भी ऐलान किया।
गोचर भूमि की सुरक्षा पर बड़ा फैसला
बीकानेर मुख्यालय पर लंबे समय से गोचर भूमि को बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) में शामिल करने और उसकी किस्म बदलने की चर्चाओं से उपजे असमंजस को मुख्यमंत्री ने पूरी तरह समाप्त कर दिया है। उन्होंने संत समाज और गो-प्रेमियों को आश्वस्त करते हुए कहा, “किसी भी कीमत पर गोचर का दूसरा उपयोग नहीं होगा। सरकार गोचर संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
खेजड़ी की कटाई पर लगेगा भारी जुर्माना
खेजड़ी के पेड़ों की अवैध कटाई को रोकने के लिए सरकार अब सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार भारी जुर्माने और कठोर सजा के प्रावधानों वाला कानून बनाने की तैयारी में है। वर्तमान में विधि विभाग के विशेषज्ञ अन्य राज्यों के कानूनों का परीक्षण कर रहे हैं। प्रक्रिया पूरी होते ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा।
बैठक में ये रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, अंशुमान सिंह भाटी, ताराचंद सारस्वत और पब्बाराम बिश्नोई मौजूद रहे। साथ ही जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई और जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया भी शामिल हुए।
प्रशासनिक स्तर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवासन, अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा और शिखर अग्रवाल ने भी चर्चा में भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मिलने से पूर्व विधायक सिद्धि कुमारी, जेठानंद व्यास और शहर जिलाध्यक्ष सुमन छाजेड़ से भी इन विषयों पर विचार-विमर्श किया था।


