Homeखटाखट स्टोरीRajasthan : सीमा पर जासूसी का बड़ा भंडाफोड़, जैसलमेर से आईएसआई के...

Rajasthan : सीमा पर जासूसी का बड़ा भंडाफोड़, जैसलमेर से आईएसआई के कथित एजेंट की गिरफ्तारी, सेना-बीएसएफ की गतिविधियां भेजने का आरोप

basic ad

आपणी हथाई न्यूज, भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे राजस्थान के जैसलमेर जिले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने विशेष कार्रवाई करते हुए नाचना क्षेत्र के एक युवक को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए कथित रूप से जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार आरोपी लंबे समय से पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में था और संवेदनशील सूचनाएं साझा कर रहा था।

दो साल से पाकिस्तानी संपर्क में होने का दावा

गिरफ्तार आरोपी की पहचान नाचना थाना क्षेत्र के खारिया गांव स्थित हिगोला की ढाणी निवासी मुस्ताक अली पुत्र नबी बख्श के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पिछले करीब दो वर्षों से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर उसकी गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।

खुफिया एजेंसियों की संयुक्त पूछताछ

राजस्थान इंटेलिजेंस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी को जयपुर स्थित संयुक्त पूछताछ केंद्र लाया गया, जहां विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियों ने उससे गहन पूछताछ की। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की बात सामने आई है।

सोशल मीडिया के जरिए बना नेटवर्क

जांच एजेंसियों के अनुसार मुस्ताक अली सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में आया था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि उसे विशेष जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं और वह नियमित रूप से सूचनाओं का आदान-प्रदान करता था। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि विदेशी एजेंसियां अब सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर अपने नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं।

दुकान की आड़ में रखी जा रही थी निगरानी

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी को सीमा क्षेत्र की ओर जाने वाले मार्ग पर दुकान संचालित करने के लिए प्रेरित किया गया था। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि दुकान का इस्तेमाल केवल व्यापार के लिए नहीं बल्कि सैन्य गतिविधियों पर नजर रखने के उद्देश्य से भी किया जा रहा था। आरोप है कि वह भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल की आवाजाही, वाहनों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी सूचनाएं एकत्र कर आगे भेजता था।

वीडियो और तस्वीरें भेजने का आरोप

पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से सीमा क्षेत्र में होने वाली सैन्य गतिविधियों के वीडियो और तस्वीरें बनाकर पाकिस्तानी हैंडलर्स तक पहुंचाता था। अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अब तक कितनी सूचनाएं साझा की गईं और उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया गया।

आर्थिक लाभ के लिए जासूसी की आशंका

खुफिया अधिकारियों का कहना है कि आरोपी पैसों के लालच में संवेदनशील जानकारियां साझा कर रहा था। जांच में आर्थिक लेन-देन से जुड़े संकेत भी मिले हैं। एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि उसे आर्थिक मदद कहां से और किस माध्यम से मिल रही थी।

ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत मामला दर्ज

राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस ने आरोपी के खिलाफ शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 (ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसके मोबाइल, सोशल मीडिया खातों, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच की जा रही है।

बड़े नेटवर्क की तलाश में एजेंसियां

सुरक्षा एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे। उसके संपर्कों, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल चैट की गहन जांच जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय हो सकता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण कार्रवाई

विशेषज्ञ इस गिरफ्तारी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ी सफलता मान रहे हैं। जैसलमेर और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में समय-समय पर जासूसी गतिविधियों के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे में इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और खुफिया तंत्र की प्रभावी निगरानी का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई अहम खुलासों की संभावना जताई जा रही है।



ताजा खबर