
Rajasthan आपणी हथाई न्यूज,नागौर की मिट्टी की औषधीय शक्ति अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाएगी। राजस्थान के गौरव ‘नागौरी अश्वगंधा’ को भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा भौगोलिक संकेत (GI Tag) प्रदान किया गया है। यह उपलब्धि न केवल नागौर की विशेष जलवायु की जीत है, बल्कि वहां के किसानों की सदियों पुरानी पारंपरिक मेहनत का प्रतिफल भी है। इस टैग के मिलने से अब ‘नागौरी अश्वगंधा’ का नाम कानूनी रूप से सुरक्षित हो गया है, जिससे कोई भी व्यापारी या निवेशक इसका गलत इस्तेमाल नहीं कर पाएगा और स्थानीय किसानों को उनकी उपज का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सही मूल्य मिल सकेगा।
इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे एक लंबा संघर्ष और सामूहिक प्रयास रहा है। नागौरी वेलफेयर सोसाइटी (अमरपुरा) की अध्यक्ष पारुल चौधरी वर्ष 2023 से इस मुहिम का नेतृत्व कर रही थीं। उन्होंने प्रगतिशील किसानों को एकजुट किया और औषधीय एवं सुगंधित पादप अनुसंधान निदेशालय (ICAR) के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. सरन के तकनीकी मार्गदर्शन में इस प्रक्रिया को पूर्ण किया। इस मुहिम में मीडिया की भूमिका भी सराहनीय रही और इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाकर इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया था।
अब जीआई टैग का कवच मिलने के बाद नागौर का अश्वगंधा दुनिया भर के बाजारों में अपनी शुद्धता और औषधीय ताकत का लोहा मनवाएगा। इससे क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और आने वाले समय में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


