


आपणी हथाई न्यूज, मिडिल-ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के 34वें दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया को संबोधित करते हुए एक सनसनीखेज दावा किया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि ईरान का वर्तमान शासन (रिजीम) पूरी तरह खत्म हो चुका है और अमेरिका ने युद्ध के अपने मुख्य लक्ष्यों को मात्र 32 दिनों में हासिल कर लिया है। उन्होंने साफ कहा कि अब ईरान दुनिया के लिए कोई खतरा नहीं रहा।
ईरान की सैन्य और राजनीतिक शक्ति के खात्मे का दावा
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिकी हमलों ने ईरान को अपूरणीय क्षति पहुँचाई है। उनके अनुसार:
लीडरशिप का अंत: ईरान के सभी बड़े नेता और शीर्ष नेतृत्व मारा जा चुका है।
नौसेना का विनाश: ईरान की नेवी अब अस्तित्व में नहीं है।
परमाणु कार्यक्रम ठप: अमेरिका ने ईरान को परमाणु बम बनाने की क्षमता से पूरी तरह वंचित कर दिया है।
मिशन की अवधि: ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अगले 2 से 3 हफ्तों तक जारी रहेगा, जिसके बाद युद्ध विराम की स्थिति बनेगी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और तेल संकट पर कड़ा रुख
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप ने दुनिया को दोटूक जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अब मिडिल-ईस्ट के तेल की जरूरत नहीं है क्योंकि उसके पास खुद के पर्याप्त तेल और गैस भंडार मौजूद हैं। उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि अब दुनिया जाने कि उसे होर्मुज का रास्ता कैसे खुलवाना है, हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका के अलावा इसे खोलने की क्षमता किसी और देश में नहीं है।
ईरान का पक्ष: राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन की चिट्ठी
इस भारी तबाही और ट्रंप के दावों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक पत्र जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने संयम की अपील करते हुए कहा कि ईरान किसी भी देश के लिए खतरा नहीं है। हालांकि, जमीनी हकीकत और ट्रंप के दावों ने मिडिल-ईस्ट के भविष्य पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।


