Barmer: वेदांता समूह की केयर्न ऑयल एंड गैस कंपनी अब बाड़मेर क्षेत्र में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्षारीय सर्फेक्टेंट पॉलिमर इंजेक्शन परियोजना शुरू करने जा रही है। इस परियोजना से से क्रूड ऑयल उत्पादन में डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।
यह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा पॉलीमर इंजेक्शन अभियान बताया जा रहा है। इसके लिए बाड़मेर में 200 से अधिक कुओं के पास नए कुएं खोदकर क्षारीय सर्फेक्टेंट पॉलिमर छोड़ा जाएगा। इससे क्रूड़ ऑयल उत्पादन डेढ़ गुना तक बढ़ने का दावा किया जा रहा है। इस विकास परियोजना का अगला चरण मंगला फील्ड में अगस्त में शुरू होगा।
इसके बाद यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी परियोजना बन जाएगी। इसका लक्ष्य अगले तीन वर्षों में खोज, मूल्यांकन और विकास के लिए 200 से अधिक कुओं को ड्रिल करना है। मंगला के बाद भाग्यम और ऐश्वर्या आयल फील्ड में उन्नत तेल रिकवरी तकनीक और एएसपी इंजेक्शन का इस्तेमाल किया जाएगा।
बाड़मेर में 2004 में तेल खोज मंगला के साथ थार रेगिस्तान में हुई थी। इसके बाद 2009 में तेल उत्पादन की शुरुआत हुई और लगातार सोलह वर्षों से मंगला से उत्पादन जारी है। अब उत्पादन को बढ़ाने के लिए नई तकनीक पर काम शुरू होने जा रहा है। एएसपी की इंजेक्शन तकनीक से 60 प्रतिशत तक की क्रूड़ ऑयल उत्पादन में वृद्धि हो सकती है।
इस तकनीक में क्षार और सर्फेक्टेंट शामिल होते हैं। केयर्न ने जून 2024 में एएसपी इंजेक्शन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया था। इस तकनीक में भू गर्भ में चट्टानों के साथ चिपके हुए क्रूड की मात्रा को इंजेक्शन वेल के जरिए भेजे गए पॉलीमर की सहायता से बाहर लाया जाता है। सामान्य तकनीक से किसी तेल भंडार से जितना तेल उत्पादित किया जा सकता है, उस उत्पादन को पॉलीमर तकनीक से डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ाया जा सकता है।

