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Rajasthan : अब प्रदेश में “खून के बदले खून की बाध्यता खत्म”, सरकार ने उठाया बड़ा कदम

Rajasthan आपणी हथाई न्यूज, प्रदेश में पिछले दो माह में करीब 20 प्रसूताओं को अपनी ज़िंदगी से हाथ धोना पड़ा था। अब सरकार ने ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के एक बड़ा कदम उठाया है। अब राजस्थान सरकारी और निजी दोनों तरह के ब्लड बैंकों में गर्भवती महिलाओं के लिए ‘रिप्लेसमेंट डोनर’ (खून के बदले खून देने) की बाध्यता को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। ‘राजस्थान स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल’ की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं। इससे पहले यह सुविधा थैलेसेमिया, ट्रॉमा, सिकल सेल डिजीज और 14 वर्ष से कम बच्चों के लिए ही उपलब्ध थी।

स्वास्थ्य विभाग ने यह फैसला मई जून में प्रसूताओं की आपात स्थिति में हुई मौतों के बाद लिया है। मामलों की जांच के बाद पाया गया कि आपात स्थिति में जब महिला को खून या प्लेटलेट्स की तुरंत आवश्यकता होती हजे तब परिजनों को रिप्लेसमेंट डोनर लाने को बोला जाता है। डोनर की व्यवस्था करने में लगने वाला समय कई बार जानलेवा भी साबित हो जाता है,खासकर तब जब अत्यधिक ब्लीडिंग और गंभीर एनीमिया के मामलें हो। बरहाल स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड बैंक से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वेच्छिक रक्तदान जुटाने के निर्देश दिये है ताकि राज्य में खून की कोई कमी न हो। आपकों बता दे कि स्वास्थ्य विभाग के अनुमान के मुताबिक, राजस्थान में गर्भवती महिलाओं को हर साल करीब 1 लाख यूनिट खून की जरूरत होती है। रिप्लेसमेंट नियम खत्म होने से ब्लड बैंकों पर स्टॉक बनाए रखने का दबाव निश्चित रूप से बढ़ेगा, क्योंकि अब तक बैंक रिप्लेसमेंट डोनर्स पर काफी हद तक निर्भर थे। इस चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने सभी ब्लड बैंकों को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर तेज करने और डोनर नेटवर्क को मजबूत करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।



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