Homeधर्म-धाराधर्मधारा: "गवरियो री मौज्या बीकानेर में" बाली, बारहमासा के बाद अब भरेगा...

धर्मधारा: “गवरियो री मौज्या बीकानेर में” बाली, बारहमासा के बाद अब भरेगा धींगा गवरजा का मेला

basic ad

आपणी हथाई न्यूज ​बाली गवरजा मैया की विदाई के साथ धींगा गवरजा मैया का पूजन शुरू होता है। जो कि वैशाख कृष्णा तृतीया, चतुर्थी के दिन तक रहती है। वैशाख कृष्णा तृतीया को धींगा मैया का पूजन बड़ी धूम-धाम से किया जाता है। सभी औरतें व्रत करती हैं, रोटे का चूरमा, फोगले का रायता, अनेकानेक मिष्ठान का भोग लगता है। महाआरती होती है फिर सभी औरतें व्रत करती हैं।

बारह गुवाड़ चौक में धींगा गवरजा मैया का मेला भरा जाता है। जो कि इस बार दिनांक – 5-4-2026 और 6-4-2026 को भरा जायेगा।
​धींगा गवरजा मैया सैकड़ों साल पुरानी है जो कि नन्दलाल जी ओझा (पापा महाराज) के घर में विराजमान है। यह गवरजा मैया उनके पूर्वजों के ननिहाल से प्राप्त की गई। यह एक मात्र गवरजा मैया है जो कि उस समय मिट्टी ,कुट्टीआदि से बनाई गई है। आज गवरजा मैया पापा महाराज की गवर से जानी जाती है। यह गवर पहले गढ़ में जाती थी फिर समय के अनुसार सोलह श्रृंगार जेवरातों के कारणवश यह गवर गढ़ और अनेकों स्थान पर ले जाना असंभव होने लगा। करीब 150 से 200 वर्ष यह पुरानी गवरजा मैया की प्रतिमा है जिनके आस-पास खिलौने (गुडा-गुडी) लगाया जाता है। जिनके पुत्र और पुत्र की पत्नी के रूप में खिलौने चढ़ाया जाता है। जिनकी जो भी मनोकामना होती है उनकी गवरजा मैया धींगा (जबरदस्ती) या जिनका कोई भी कार्य नहीं होता है उनका कार्य शीघ्र आगामी वर्ष तक कर देती है।इसीलिए इनका नाम धींगा गवरजा मैया नाम पडा हैं।इनकी खोल घर पर चौक में भराई जाती हैं।



ताजा खबर