

Politics आपणी हथाई न्यूज, निकाय चुनाव-2026 एवं पंचायतीराज चुनाव-2026 की निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान ईवीएम कमिश्निंग तथा मतदान के बाद ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में जमा करवाने की प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सूचित नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में जिला कांग्रेस कमेटी (देहात), बीकानेर के संगठन महासचिव प्रहलाद मार्शल ने राजस्थान निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज करवाई है।

पत्र में बताया गया है कि पूर्व में ईवीएम कमिश्निंग के दौरान फॉर्म संख्या 7, 8, 9, 10 एवं 11 पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर करवाए जाते थे। वहीं, मतदान समाप्ति के बाद ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में जमा करवाते समय भी राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को उपस्थित रहने का अवसर दिया जाता था। इसके साथ ही स्ट्रॉन्ग रूम की सील पर प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर भी करवाए जाते थे, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता बनी रहती थी।

प्रहलाद मार्शल ने पत्र में आरोप लगाया कि वर्तमान में इन प्रक्रियाओं के दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पूर्व में सूचना नहीं दी जा रही है और न ही उन्हें विधिवत सूचना-पत्र उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसके चलते ईवीएम कमिश्निंग एवं स्ट्रॉन्ग रूम में ईवीएम जमा करने की प्रक्रिया के दौरान प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की भागीदारी एवं निगरानी पारदर्शिता और विश्वसनीयता के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रतिनिधियों को समय पर सूचना देना आवश्यक है।
पत्र के माध्यम से निर्वाचन आयुक्त से मांग की गई है कि संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को ईवीएम कमिश्निंग एवं मतदान पश्चात ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम में जमा करने की प्रक्रिया से पूर्व राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों को विधिवत सूचना देने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही, नियमानुसार स्ट्रॉन्ग रूम की सीलिंग एवं अन्य संबंधित प्रक्रियाओं में उनकी उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा फाइनल रैंडमाइजेशन की प्रतियां भी समय पर राजनीतिक दलों को उपलब्ध करवाई जाएं।



