

Rajasthan: राजस्थान सरकार ने पुष्कर विधानसभा क्षेत्र की वर्षों पुरानी मांग को स्वीकार करते हुए 12 ढाणियों को राजस्व ग्राम का दर्जा देने की मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें राजस्व से जुड़े कामों के लिए दूर-दराज की तहसीलों में नहीं भटकना पड़ेगा।
जल्द ही इन ढाणियों की अधिसूचना जारी की जाएगी, और स्थानीय स्तर पर पटवारी, गिरदावरी, नामांतरण व भूमि माप जैसी सेवाएं शुरू हो सकेंगी। पटवारी की तैनाती, खसरा-गिरदावरी, नामांतरण, भूमि माप और दस्तावेज़ संबंधित सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध होंगी।
12 ढाणियों की लिस्ट
धामड़ी (नौलखा), बडल्या द्वितीय (बडल्या), साला की ढाणी (खोड़ा), घिंनियां (पालरा), मझेवाला (बीर), बरदा बेरी और कालेड़ा सिरोला (जाटिया), टिड़ाणा की ढाणी (भवानीखेड़ा), मालियों की ढाणी (गगवाना), छोटी ढाणी और रामनेर (रामनेर ढाणी), तथा टेडवा की ढाणी (बबायचा, जसनगर)।
इन क्षेत्रों में लंबे समय से राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग उठ रही थी। अब जब प्रक्रिया अंतिम चरण में है। राजस्व ग्राम बनने के साथ ही इन इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क और डिजिटल सुविधा जैसी मूलभूत योजनाएं तेजी से पहुंचेंगी। साथ ही नए प्रशासनिक पदों के सृजन से युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।


